Rajiv

सुबह की पहली किरण…the Morning Glory

In Art, Bihar, BobLife, Chennai, kerala, Life, Places, scribblings, Thoughts on December 10, 2010 at 7:58 am

सुबह की पहली किरण…पक्छी चह चहा रहे हैं…मानो प्रातः काल का स्वागत गान गा रहे हो … ऐसा मनोरम दृश्य आपको केवल केरला मे ही उपलब्ध हो सकता है…हमेशा से ही मुझे प्रकृति का सानिध्य उत्साहित करता रहा है… . मेरे पैत्रिक घर के पीछे एक बगीचा है | इसमे ८-९ प्रकार के आम के वृक्ष हैं, लीची के और अमरुद के ४-५ पेड़ हैं | और इन सभी का देख भाल मेरी माताजी खुद अपनी देख रेख मे करवाती है… जब भी कभी मे अपने पैत्रिक घर जाता हूँ.. सबसे पहले बगीचे की सैर करता हूँ | पत्तों की खुशभु, मिटटी की सौंधी सी महक, आह!   यहाँ आ कर मुझे हमेशा लगता है की  मेरा शारीर फिर से रि चार्ज  हो गया हो |  चेन्नई  की भीड़ भाड़ से ये जगह कितनी प्यारी है…

फिरमेरा तबादला यहाँ केरला मे हो गया सो… चेन्नई के बाद केरला का सफ़र मेरे लिए सपनो का साकार होना जैसा ही था..ना ज्यादा प्रदूसन , ना ज्यादा भीड़ भाड़ …यहाँ के लोग भी भागम भाग मे ज्यादा विश्वाश नहीं करते| सब कुछ समय से पर आराम से…कोई हड़बड़ी नहीं…मेट्रोस जैसा की चेन्नई,  मुंबई से बिलकुल भिन्न … वहां तो मानो लोगों का रेला लगा हो  और सभी कहीं न कहीं दौड़ रहे होते हैं…

सुबह सुबह बाहर बालकोनी मे कॉफ़ी का आनंद  ले  रहा हूँ…🙂

kerala sunrise

subah subah "the morning"

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