Rajiv

चेन्नई बदल रहा है …

In Art, Chennai, Life, Photography, Pictures, Places, scribblings, Travel on December 14, 2010 at 2:42 am

आज ऑफिस से जल्दी लौट मै अकेले रूम मे लेटा हुआ था … “डिंग डोंग” तभी कमरे पे किसी ने दस्तक दी… चलो यार कहीं घूम के आते हैं कहाँ जाओगे  बैठो भी कुछ देर मे खाने ही चलेंगे |अरे वो तो चलेंगे… अभी तो चलो शाम की ठंडी हवा का मज़ा ले … मै मन मसोस कर चलने को तैयार हुआ…चेन्नई की शाम,  वैसे तो कोई ख़ास आकर्षण नहीं रहती है …और बाज़ार की भीड़ भाड़ मुझे रास भी नहीं आती… फिर भी,  दोस्त जिद्द कर रहा था तो चलना पड़ा…खैर हम होटल से निकले … वैसे भी आज करने को कुछ ख़ास था नहीं तो हमने सोचा की चलो जब निकले ही हैं तो बाज़ार हो आते हैं… होटल से कुछ ही दुरी पे पोंडी बाज़ार है… बाज़ार की भीड़ भाड़ देख मुझे २००५ की वो शाम याद आ गयी| उस शाम मे अपने इंजीनियरिंग के कुछ दोस्तों के साथ चेन्नई आया हुआ था … फिर जो हुआ उसके बाद मैंने कसम खायी थी की कुछ हो जाए मे चेन्नई वापस नहीं आ रहा… पर शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था | और मुझे किस्मत ने मास्टर्स की पढाई के लिए चेन्नई ला फेका… चेन्नई के इन दो सालों ने चेन्नई के प्रति मेरा नज़रिया काफी बदल दिया…यहाँ मैंने अपने जीवन के कुछ यादगार दो साल बिताये, कुछ दोस्त बने जिन्हें आप जीवन पर्यंत याद रखना चाहेंगे  और साथ ही चेन्नई का भोजन … मैंने काफी लुत्फ़ उठाया… अब आपकी बारी है

pondi bazar

पोंडी बाज़ार, टी नगर का जाना माना बाज़ार है | यहाँ आपको आपके उपयोग की सभी चीज़े मिल जायेंगी और ख़ास कर लड़कियों के लिए यहाँ की दुकाने काफी उपयुक्त हैं| चूड़ियों से लेकर स्टायलिश कंगन और झुमके और बिंदी से लेकर सैंडल तक, सभी चीजें मिलेंगी| पर आपको मोल भाव करना पड़ेगा और अगर गलती से भी आपने तमिल की जगह हिंदी की या अंग्रजी के दो शब्द बोल दिए तो फिर दुकानों मे सामानों  की कीमते दुगुनी हो जाती हैं | और फिर आप मोल भाव मे कितने अनुभवी हो उसकी परख होती है|     इसके अलावा और भी कई दुकाने मिलेंगी जैसे की घडी की Titan की शो रूम, फिर एक दो shopping mall हैं जहाँ की आप विविध तरह की खरीददारी कर सकते हैं..और फिर यदि आपको शाम बितानी हो तो  आप या तो सिटी सेंटर चले जाओ या फिर एक्सप्रेस अवेनुए चले जाओ … और फिर खाने के लिए पास मे ही शरवनाभवन हैं जहाँ की आप साउथ इंडियन भोजन का आनंद उठा सकते हैं..
.हालाकी अगर देखें तो आप आज के चेन्नई को पहले के चेन्नई से बिलकुल ही भिन्न पायेंगे , कम से कम भाषा के मामले मे| आज चेन्नई सही रूप से एक मेट्रो की तरह उभरा है जहाँ पे देश के कोने कोने से लोग पढाई करने या फिर अपनी जीवन यापन का जरिया ढूंढने आते हैं | चेन्नई को इंडिया का ऑटो हब या फिर इंडिया का Detrit भी कहा जाता है… यहाँ आपको विश्व की नामचीन ऑटो कम्पनियों की फैक्ट्रीया दिखाई देंगी | और फिर सॉफ्टवेर कम्पनियां के चेन्नई मे बढ़ावे से काफी हद तक यह संभव हो पाया है की आज नोर्थ इंडिया के लोग चेन्नई मे रहने मे संकोच नहीं करते हैं| और ख़ास बात ये भी है की चेन्नई के लोगों ने उन्हें अपनाया भी है | वरना यहाँ अगर आप दो या तीन दशक पहले आये होते  तो फिर आपको उस दौर से गुज़ारना पड़ता जब यहाँ हिंदी के नाम से लोगों मे चिद्द थी…पर नयी पीढ़ी ने बदलाव का रास्ता  अख्तियार किया है |  ये वही चेन्नई है जहां कुछ वर्षों पहले “मेक डोनाल्ड – फ़ूड जोइंट”  ने अपनी एक शाखा खोली थी पर  लोगो के प्रदर्शन की वजह से बंद करनी पड़ी… और आज का चेन्नई है जहाँ हरेक कोने मे कम से कम एक “मेक डी” जरूर मिलेगा | और हाँ उसी के आसपास आपको “के ऍफ़ सी” का भी जोइंट मिलेगा | मैंने अपने दो वर्षो मे अगर चेन्नई को देखा है तो वास्तव मे मेरा आश्चर्य होना लाजमी था… क्युकी मेरा देखने का नज़रिया काफी कुछ जगह की भोजन व्यवस्था पे निर्वर करता है | और आज आपको मै चेन्नई मे पंजाबी भोजन हो या राजस्थानी थाली या बंगाली माछेर झोल  हो या फिर गुजरती थाली या लिट्टी चोखा या फिर जैन भोजनालय या फिर मारवाड़ी भोजन  … क्या चीज़ कहाँ मिलती है वो मै बता सकता हूँ… इससे आप स्वतः अंदाजा लगा सकते हैं की जहाँ के खाने मे इतनी विवधता हो, वो जगह  नागवार तो कतई नही हो सकता है.| और अगर आप हिंदी फिल्मों के बिना नहीं जी सकते, तो ख़ास आपके लिए हैं सत्यम, इनोक्स, पीवीआर, अनु-एगा  और भी ढेर सारे चित्रपट जहाँ आप हिंदी फिल्मों का लुत्फ़ उठा सकते हैं |
दार्शनिक स्थलों मे जैसे की मदुरै, रामेश्वरम, तिरुपति आदि पवित्र स्थल चेन्नई से कुछ ही दूरी पे हैं | चेन्नई का मरीना बीच या फिर महाबलीपुरम या पोंडिचेरी देश विदेश के पर्यटकों की राजधानी बना रहता है| जहाँ आप महाबलीपुरम मे पुराने राजाओं के निर्माण किये गए इमारतें देख सकते हो तो  पोंडिचेरी मे आप फ्रेंच रहन सहन का आनंद उठा सकते हैं  साथ ही  वहां देखने को काफी कुछ है जैसे और्बिन्दो आश्रम, औरोविला इत्यादी |
शहर मे अगर पठान पाठन की उत्तम व्यवस्था न हो तो फिर उस जगह का महत्व नहीं रहता | पर चेन्नई मे आपको नर्सरी से लेकर मास्टर्स की डिग्री तक के अच्छे कालेज मिल जायेंगे, जैसे की लोयोला कालेज, अन्ना उनीवेर्सिटी, आई आई टी मद्रास , और अनगिनत इंजीनियरिंग मेडिकल और ला कालेज मिलेंगे…
फिर शहर तेजी से अपने आप को विकसित कर रहा है चाहे वो रियल एस्टेट का बाज़ार 

aerial view of kathipada junction

हो या रिटेल सामानों का  या फिर बढती जनसँख्या के रहने की व्यवस्था की बात हो …

चेन्नई बदल रहा है …
  1. Nice blog bhai.. Sahi mei, Chennai badal raha hai.. Par zara may-june mei chakkar lagaiye.. aur mausam ka aanand uthaiye😀

    • 😀 बिलकुल सही भाई, मेय जून की तो बात ही अलग है … क्या मौसम रहता है 😉

  2. Nice, in different way. I’ve been in Jamshedpur all my life so was a surprise, the pic of the junction. And the hindi: uttam!

    • Dear rv2,
      You would not be surprised if i say My mother is from Jsr and i was born there in TMH. Hindi to khoon mae hai bhai sahab.
      Do visit again.
      Rajiv

  3. hmm … never had visited Chennai.
    But my friends tell me that you don’t get cheap North Indian food there.
    First time to your blog , liked it.

    • definitely you get good north Indian Food, next time when your friends go to chennai let me know I will tell where you get good tasty yummy cheap food😛🙂

  4. bilkul sahi kaha dost…main bhi chennai mein training pe tha…for six months…but i enjoyed my stay there….i loved the way you captured very small details….it shows your observation…good write

    • धन्यवाद नटवर भाई,
      मेरा मानना है, चेन्नई मे कोई भी कुछ समय बिता ले और कोई ढंग का आदमी मिल जाए शहर घुमाने को फिर आपको चेन्नई पसंद आने लगेगा…
      पुनः धन्यवाद
      राजीव
      dO visit again.

  5. Chennai is changing but not the auto drivers who NEVER NEVER come with meters on and they all demand exorbitantly high. Secondly, the civic authorities have done little there for public, that is there are no public toilets at busy places and markets!

    • I agree to you sir, The three major concerns two of which you already pointed out are:
      1. Menace of auto drivers; They would never run by meter (don’t expect them to also); What you can do is to ask from your friend or known person about approximate fair and then Bargain… You will definitely get 1 out of 10 auto wala who would like to go on the agreed fair. And when you reach your destination, they will definitely say“Sir! traffic… long… 10 rs”.
      2. I have felt that the old city has not been planned well cause when it rains, the city roads become pathetic to commute. and yes off course not much of ” sulabh sauchalaya”.
      3. Bus service though readily available is very difficult to understand as everything is written in Tamil… you need some tamililian to help you out in this case…

  6. और हिंदी की क्या स्थिति है साहब चेन्नई में ? जमशेदपुर कनेक्शन को छोड़ दे तो कट्टर इडली साम्भर वालों का भाषाई ज्ञान क्या बोलता है ? कोई सुखद समाचार ?
    लिखते रहिये …

    • तो सर जी समाचार ऐसा है की , हिंदी की स्तिथि मे काफी सुधार हुआ है , मेरे मित्र मंडली मे काफी लोगों ने हिंदी सीखा और साथ ही उनका ये भी मानना है की हिंदी देश व्यापी भाषा है और उसका अनुकरण करना सबके हित मे है | और रही बात इडली साम्भर की है तो मेरे विचार से आपको इडली बंगलौर मे चेन्नई की तुलना मे ज्यादा अच्छी मिलती है 🙂
      यहाँ पधारने के लिए हार्दिक धन्यवाद … आशा है आपसे पुनः मुलाकात होगी
      राजीव

  7. hindi write up very perfect and beautifully expressed.

    • धन्यवाद सर जी … आभार … अगर हो सके तो कुछ सुझाव दे की कैसे बेहतर किया जा सकता है…
      राजीव

  8. बहुत मस्त लिखे हैं sirjee ….आप तो बस छा गये…… उम्मीद करता हूँ की ऐसी रचनाएं आगे भी पढने को मिलती रहेगी…….

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