Rajiv

Archive for the ‘Travel’ Category

A Trip down the Memory lane

In Bihar, Life, Pictures, Travel, Video, Writing on February 6, 2011 at 8:44 pm

My Purpose

Every trip you undertake always has a purpose. Be it for fun or a quick visit to your hometown or for adventure  and so on and on. I had one such trip, I would like to share it with you.

It was chilly December of 2008, I made a trip with few of my friends and our guru. Winter was  in its prime in North India. River Koshi had created havoc in most of the northern districts of Bihar. Koshi is often called ‘Sorrow of Bihar‘ for the havoc it creates every year. Millions of lives are affected every year. People lose their homes, their cattle even their agricultural land to River Koshi.

The team decided to visit the nearest flood affected area in Madhepura District. Since the bridge connecting Purnea and Madhepura was broken, we sent the truck load of relief materials a day ahead on Saturday. Students of batulda, who are present across India, helped to create fund. And materials like old clothes were sent to our place, from where it had to be distributed to affected areas.  On chilling Sunday morning, we embarked on a journey for shram-daan, the least we could do.

Bihar Districts

Image via Wikipedia

 

It was barely visible outside, but the cab driver was on its full flow. He belonged to the same village we were going to.

We had to leave the cab on this side of river.  We took a boat ride to other side. Another cab was already there.

 

Boat ride across the river

There was another bridge broken which Indian Army had fixed, within 24 hours of it being broken.

Few more Pictures will tell you the Story. Check out the Slide show.

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That day I had a feeling of satisfaction. The whole group enjoyed the process and while we were returning everyone had a wonderful smile on their faces. Check out this video, I shot while returning.

Please Note:

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My Journey through languages…

In Bihar, Chennai, kerala, Life, Places, quote, Travel, Writing on January 14, 2011 at 11:59 pm

Reference: The power of the world

This post is inspired by Charlie, my blog buddy. It’s been 3 days since we exchanged greetings, but seems we know each other since ages. I am not praising him all because he has dedicated an entire post to me. But the very idea of writing this post, came from him. His post “How I learned french German and Spanish?” covers his entire journey of life till date. So I dedicate this post to Charlie  🙂

Language of the world

Journey of thousand miles begins with a single step… Read the rest of this entry »

चेन्नई बदल रहा है …

In Art, Chennai, Life, Photography, Pictures, Places, scribblings, Travel on December 14, 2010 at 2:42 am

आज ऑफिस से जल्दी लौट मै अकेले रूम मे लेटा हुआ था … “डिंग डोंग” तभी कमरे पे किसी ने दस्तक दी… चलो यार कहीं घूम के आते हैं कहाँ जाओगे  बैठो भी कुछ देर मे खाने ही चलेंगे |अरे वो तो चलेंगे… अभी तो चलो शाम की ठंडी हवा का मज़ा ले … मै मन मसोस कर चलने को तैयार हुआ…चेन्नई की शाम,  वैसे तो कोई ख़ास आकर्षण नहीं रहती है …और बाज़ार की भीड़ भाड़ मुझे रास भी नहीं आती… फिर भी,  दोस्त जिद्द कर रहा था तो चलना पड़ा…खैर हम होटल से निकले … वैसे भी आज करने को कुछ ख़ास था नहीं तो हमने सोचा की चलो जब निकले ही हैं तो बाज़ार हो आते हैं… होटल से कुछ ही दुरी पे पोंडी बाज़ार है… बाज़ार की भीड़ भाड़ देख मुझे २००५ की वो शाम याद आ गयी| उस शाम मे अपने इंजीनियरिंग के कुछ दोस्तों के साथ चेन्नई आया हुआ था … फिर जो हुआ उसके बाद मैंने कसम खायी थी की कुछ हो जाए मे चेन्नई वापस नहीं आ रहा… पर शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था | और मुझे किस्मत ने मास्टर्स की पढाई के लिए चेन्नई ला फेका… चेन्नई के इन दो सालों ने चेन्नई के प्रति मेरा नज़रिया काफी बदल दिया…यहाँ मैंने अपने जीवन के कुछ यादगार दो साल बिताये, कुछ दोस्त बने जिन्हें आप जीवन पर्यंत याद रखना चाहेंगे  और साथ ही चेन्नई का भोजन … मैंने काफी लुत्फ़ उठाया… अब आपकी बारी है

pondi bazar

पोंडी बाज़ार, टी नगर का जाना माना बाज़ार है | यहाँ आपको आपके उपयोग की सभी चीज़े मिल जायेंगी और ख़ास कर लड़कियों के लिए यहाँ की दुकाने काफी उपयुक्त हैं| चूड़ियों से लेकर स्टायलिश कंगन और झुमके और बिंदी से लेकर सैंडल तक, सभी चीजें मिलेंगी| पर आपको मोल भाव करना पड़ेगा और अगर गलती से भी आपने तमिल की जगह हिंदी की या अंग्रजी के दो शब्द बोल दिए तो फिर दुकानों मे सामानों  की कीमते दुगुनी हो जाती हैं | और फिर आप मोल भाव मे कितने अनुभवी हो उसकी परख होती है|     इसके अलावा और भी कई दुकाने मिलेंगी जैसे की घडी की Titan की शो रूम, फिर एक दो shopping mall हैं जहाँ की आप विविध तरह की खरीददारी कर सकते हैं..और फिर यदि आपको शाम बितानी हो तो  आप या तो सिटी सेंटर चले जाओ या फिर एक्सप्रेस अवेनुए चले जाओ … और फिर खाने के लिए पास मे ही शरवनाभवन हैं जहाँ की आप साउथ इंडियन भोजन का आनंद उठा सकते हैं..
.हालाकी अगर देखें तो आप आज के चेन्नई को पहले के चेन्नई से बिलकुल ही भिन्न पायेंगे , कम से कम भाषा के मामले मे| आज चेन्नई सही रूप से एक मेट्रो की तरह उभरा है जहाँ पे देश के कोने कोने से लोग पढाई करने या फिर अपनी जीवन यापन का जरिया ढूंढने आते हैं | चेन्नई को इंडिया का ऑटो हब या फिर इंडिया का Detrit भी कहा जाता है… यहाँ आपको विश्व की नामचीन ऑटो कम्पनियों की फैक्ट्रीया दिखाई देंगी | और फिर सॉफ्टवेर कम्पनियां के चेन्नई मे बढ़ावे से काफी हद तक यह संभव हो पाया है की आज नोर्थ इंडिया के लोग चेन्नई मे रहने मे संकोच नहीं करते हैं| और ख़ास बात ये भी है की चेन्नई के लोगों ने उन्हें अपनाया भी है | वरना यहाँ अगर आप दो या तीन दशक पहले आये होते  तो फिर आपको उस दौर से गुज़ारना पड़ता जब यहाँ हिंदी के नाम से लोगों मे चिद्द थी…पर नयी पीढ़ी ने बदलाव का रास्ता  अख्तियार किया है |  ये वही चेन्नई है जहां कुछ वर्षों पहले “मेक डोनाल्ड – फ़ूड जोइंट”  ने अपनी एक शाखा खोली थी पर  लोगो के प्रदर्शन की वजह से बंद करनी पड़ी… और आज का चेन्नई है जहाँ हरेक कोने मे कम से कम एक “मेक डी” जरूर मिलेगा | और हाँ उसी के आसपास आपको “के ऍफ़ सी” का भी जोइंट मिलेगा | मैंने अपने दो वर्षो मे अगर चेन्नई को देखा है तो वास्तव मे मेरा आश्चर्य होना लाजमी था… क्युकी मेरा देखने का नज़रिया काफी कुछ जगह की भोजन व्यवस्था पे निर्वर करता है | और आज आपको मै चेन्नई मे पंजाबी भोजन हो या राजस्थानी थाली या बंगाली माछेर झोल  हो या फिर गुजरती थाली या लिट्टी चोखा या फिर जैन भोजनालय या फिर मारवाड़ी भोजन  … क्या चीज़ कहाँ मिलती है वो मै बता सकता हूँ… इससे आप स्वतः अंदाजा लगा सकते हैं की जहाँ के खाने मे इतनी विवधता हो, वो जगह  नागवार तो कतई नही हो सकता है.| और अगर आप हिंदी फिल्मों के बिना नहीं जी सकते, तो ख़ास आपके लिए हैं सत्यम, इनोक्स, पीवीआर, अनु-एगा  और भी ढेर सारे चित्रपट जहाँ आप हिंदी फिल्मों का लुत्फ़ उठा सकते हैं |
दार्शनिक स्थलों मे जैसे की मदुरै, रामेश्वरम, तिरुपति आदि पवित्र स्थल चेन्नई से कुछ ही दूरी पे हैं | चेन्नई का मरीना बीच या फिर महाबलीपुरम या पोंडिचेरी देश विदेश के पर्यटकों की राजधानी बना रहता है| जहाँ आप महाबलीपुरम मे पुराने राजाओं के निर्माण किये गए इमारतें देख सकते हो तो  पोंडिचेरी मे आप फ्रेंच रहन सहन का आनंद उठा सकते हैं  साथ ही  वहां देखने को काफी कुछ है जैसे और्बिन्दो आश्रम, औरोविला इत्यादी |
शहर मे अगर पठान पाठन की उत्तम व्यवस्था न हो तो फिर उस जगह का महत्व नहीं रहता | पर चेन्नई मे आपको नर्सरी से लेकर मास्टर्स की डिग्री तक के अच्छे कालेज मिल जायेंगे, जैसे की लोयोला कालेज, अन्ना उनीवेर्सिटी, आई आई टी मद्रास , और अनगिनत इंजीनियरिंग मेडिकल और ला कालेज मिलेंगे…
फिर शहर तेजी से अपने आप को विकसित कर रहा है चाहे वो रियल एस्टेट का बाज़ार 

aerial view of kathipada junction

हो या रिटेल सामानों का  या फिर बढती जनसँख्या के रहने की व्यवस्था की बात हो …

चेन्नई बदल रहा है …

Random Pictures

In Art, Life, Photography, Pictures, scribblings, Travel on December 12, 2010 at 8:21 pm

 

Twilight



Heavy Loading trip to pondicherry

@ Goa beach

Chennai in November, Day 1

In BobLife, Chennai, kerala, Places, Travel on December 4, 2010 at 12:55 am

Sunday morning… Chennai never used to have such nice weather at least not when i was here for two years for my post-grad. This was absolutely fine Sunday morning… a cool breeze and sky was cast with cloud… i called for a taxi… get me to Hotel Benz Park…It’s in T Nagar,

India - Chennai - busy T. Nagar market 2

Image by mckaysavage via Flickr

anna u know na ! I sounded like i was lot familiar about Chennai… Though TNagar was next to my college at Nungambakkam but I never had the opportunity to stroll on these roads… I knew few places in Tnagar and very few roads through which i used to go to my friend’s place in Tambram.  By the time it started pouring. And you never know where in Chennai you get struck into traffic after rains.

It was nice (Okie, I did not expect to have our stay arrangements here). Room was double sharing and already somebody had checked in… I was the second guy and had few reservations about this first guy

hi myself Rajiv, from Kerala… Hello I am Vikas from Hyderabad..(after a long pause he asked)… are you a malayali ? No no, I am posted there… Thank god… maine socha kaun aayega room mae ( thank God, i was wondering who will come to my room ) …Vikas said with a broad grin on his face. And I settled in peacefully. We were wondering as to are we the only two people staying here or has some one come? We inquired at the reception… No sir, two more people have come… they are staying in room no 403…Ok.. Thanks!

Morning, we reached restaurant downstairs in time. I just went about picking idli, chutney and  Paneer paratha… kya yaar yahan bhi idli..Vikas lost his interest in breakfast …

Idli

Image via Wikipedia

At lounge we found,  Syamlal, Naveen, Saraswathy, Sharda, Saumya, Ashwin, Sujilesh and Preteesh waiting for the cab.

It took us about an hour to cut across Chennai Traffic to reach Training Center in Tenympet near SIET College.

It was unusual, seemed like  I was back in MBA classes, with a difference. Here at the RTC (Regional Training Center), the day started with a prayer (from an old Hindi movie “Ankush”-1986)

Itni shakti hame dena data…manka vishwas kamjor ho na… ham chale nek raste pe hamse… bhool kar bhi koi bhool ho naaa…” Check Out this  Video for the prayer…

 

To be Contd…

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