Rajiv

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A day of Daily Soaps !

In Art, scribblings on December 27, 2011 at 12:16 am

This is a story of every household, without exception, at least in India.

Ramesh (name changed) comes to his house late. As usual his wife, Sunita, has waited for him for long hours. Ramesh has tuned into the Indian household mentality. he comes back home and starts watching daily soaps in Star plus, Colors, Sony.

It all started with first daily soap Shanti in DoorDarshan and it has come to a point when every second serial on any channel starts with bloody ‘Ka’.  He is so engrossed in these serials that even missing one episode of Balika Vadhu  is crime. lolz These days he has another tension. His cable wala is maintaining lines and his cable is out of service. More than Sunita, Ramesh is missing these serials now. And out of all Big Boss Season five-five five-five five-five!!!. 

Heard, Mehek is back in the house. Now Sky-Mehek- Sid-Amar-Juhi & Sunny gonna make hell out of the house. SKY seems to be the front-runner in the show, however astro-numerologist Bhavikk Sangghvi has predicted that Juhi Parmar will be the winner of Bigg Boss 5. Read article here

What’s going on with Anandi of balika Vadhu?

Did Police arrest Bhabho in Diya & baati ?

oops !

lets leave this to Ekta and likes… Can’t take it more!

Sunita goes to bed and Ramesh tries his engineering with Antenna. Hope he read it well that chapter in 3rd year of engineering.   😀    😛

Image Source: Google

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Dam maro dam

In Art, Movie review on April 24, 2011 at 1:09 am

So finally, it was the day for a hindi masala bollywood flick. Having no other choice we decided to take a chance on two and a half starred (By TOI) movie “Dam Maro Dam“. Having read few reviews and ratings we decided to take chill pill and just enjoy the Masala Dosa from Ramesh Sippy productions.

Having created an image for Big B as Angry young man years before, It was the time for thr Jr B. Jr B plays the role of rough and tough but corrupt Police (Later changed). Praetik’s work is interesting and his image pretty much goes along with Goans. Bips is nothing more than a glam doll with those ready to kill cat eyes.

Despite all reviews and ratings, I saw a packed theater at night show. But to my horror, they have ruined the classic song ” dam maaro dam“. Aby baby as usual had some overacting/over reacting whatever you call. Pratiek was cool and locations, few scenes which I remeber are definitely from Goa. Songs are good except that rap song. Plot is nice and some suspense adds to the pace. You might feel like getting dragged most of the time, till when writer realised that he is to write a story in flow.

My verdict : can watch it for once, not as bad as they have reviewed.

चेन्नई बदल रहा है …

In Art, Chennai, Life, Photography, Pictures, Places, scribblings, Travel on December 14, 2010 at 2:42 am

आज ऑफिस से जल्दी लौट मै अकेले रूम मे लेटा हुआ था … “डिंग डोंग” तभी कमरे पे किसी ने दस्तक दी… चलो यार कहीं घूम के आते हैं कहाँ जाओगे  बैठो भी कुछ देर मे खाने ही चलेंगे |अरे वो तो चलेंगे… अभी तो चलो शाम की ठंडी हवा का मज़ा ले … मै मन मसोस कर चलने को तैयार हुआ…चेन्नई की शाम,  वैसे तो कोई ख़ास आकर्षण नहीं रहती है …और बाज़ार की भीड़ भाड़ मुझे रास भी नहीं आती… फिर भी,  दोस्त जिद्द कर रहा था तो चलना पड़ा…खैर हम होटल से निकले … वैसे भी आज करने को कुछ ख़ास था नहीं तो हमने सोचा की चलो जब निकले ही हैं तो बाज़ार हो आते हैं… होटल से कुछ ही दुरी पे पोंडी बाज़ार है… बाज़ार की भीड़ भाड़ देख मुझे २००५ की वो शाम याद आ गयी| उस शाम मे अपने इंजीनियरिंग के कुछ दोस्तों के साथ चेन्नई आया हुआ था … फिर जो हुआ उसके बाद मैंने कसम खायी थी की कुछ हो जाए मे चेन्नई वापस नहीं आ रहा… पर शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था | और मुझे किस्मत ने मास्टर्स की पढाई के लिए चेन्नई ला फेका… चेन्नई के इन दो सालों ने चेन्नई के प्रति मेरा नज़रिया काफी बदल दिया…यहाँ मैंने अपने जीवन के कुछ यादगार दो साल बिताये, कुछ दोस्त बने जिन्हें आप जीवन पर्यंत याद रखना चाहेंगे  और साथ ही चेन्नई का भोजन … मैंने काफी लुत्फ़ उठाया… अब आपकी बारी है

pondi bazar

पोंडी बाज़ार, टी नगर का जाना माना बाज़ार है | यहाँ आपको आपके उपयोग की सभी चीज़े मिल जायेंगी और ख़ास कर लड़कियों के लिए यहाँ की दुकाने काफी उपयुक्त हैं| चूड़ियों से लेकर स्टायलिश कंगन और झुमके और बिंदी से लेकर सैंडल तक, सभी चीजें मिलेंगी| पर आपको मोल भाव करना पड़ेगा और अगर गलती से भी आपने तमिल की जगह हिंदी की या अंग्रजी के दो शब्द बोल दिए तो फिर दुकानों मे सामानों  की कीमते दुगुनी हो जाती हैं | और फिर आप मोल भाव मे कितने अनुभवी हो उसकी परख होती है|     इसके अलावा और भी कई दुकाने मिलेंगी जैसे की घडी की Titan की शो रूम, फिर एक दो shopping mall हैं जहाँ की आप विविध तरह की खरीददारी कर सकते हैं..और फिर यदि आपको शाम बितानी हो तो  आप या तो सिटी सेंटर चले जाओ या फिर एक्सप्रेस अवेनुए चले जाओ … और फिर खाने के लिए पास मे ही शरवनाभवन हैं जहाँ की आप साउथ इंडियन भोजन का आनंद उठा सकते हैं..
.हालाकी अगर देखें तो आप आज के चेन्नई को पहले के चेन्नई से बिलकुल ही भिन्न पायेंगे , कम से कम भाषा के मामले मे| आज चेन्नई सही रूप से एक मेट्रो की तरह उभरा है जहाँ पे देश के कोने कोने से लोग पढाई करने या फिर अपनी जीवन यापन का जरिया ढूंढने आते हैं | चेन्नई को इंडिया का ऑटो हब या फिर इंडिया का Detrit भी कहा जाता है… यहाँ आपको विश्व की नामचीन ऑटो कम्पनियों की फैक्ट्रीया दिखाई देंगी | और फिर सॉफ्टवेर कम्पनियां के चेन्नई मे बढ़ावे से काफी हद तक यह संभव हो पाया है की आज नोर्थ इंडिया के लोग चेन्नई मे रहने मे संकोच नहीं करते हैं| और ख़ास बात ये भी है की चेन्नई के लोगों ने उन्हें अपनाया भी है | वरना यहाँ अगर आप दो या तीन दशक पहले आये होते  तो फिर आपको उस दौर से गुज़ारना पड़ता जब यहाँ हिंदी के नाम से लोगों मे चिद्द थी…पर नयी पीढ़ी ने बदलाव का रास्ता  अख्तियार किया है |  ये वही चेन्नई है जहां कुछ वर्षों पहले “मेक डोनाल्ड – फ़ूड जोइंट”  ने अपनी एक शाखा खोली थी पर  लोगो के प्रदर्शन की वजह से बंद करनी पड़ी… और आज का चेन्नई है जहाँ हरेक कोने मे कम से कम एक “मेक डी” जरूर मिलेगा | और हाँ उसी के आसपास आपको “के ऍफ़ सी” का भी जोइंट मिलेगा | मैंने अपने दो वर्षो मे अगर चेन्नई को देखा है तो वास्तव मे मेरा आश्चर्य होना लाजमी था… क्युकी मेरा देखने का नज़रिया काफी कुछ जगह की भोजन व्यवस्था पे निर्वर करता है | और आज आपको मै चेन्नई मे पंजाबी भोजन हो या राजस्थानी थाली या बंगाली माछेर झोल  हो या फिर गुजरती थाली या लिट्टी चोखा या फिर जैन भोजनालय या फिर मारवाड़ी भोजन  … क्या चीज़ कहाँ मिलती है वो मै बता सकता हूँ… इससे आप स्वतः अंदाजा लगा सकते हैं की जहाँ के खाने मे इतनी विवधता हो, वो जगह  नागवार तो कतई नही हो सकता है.| और अगर आप हिंदी फिल्मों के बिना नहीं जी सकते, तो ख़ास आपके लिए हैं सत्यम, इनोक्स, पीवीआर, अनु-एगा  और भी ढेर सारे चित्रपट जहाँ आप हिंदी फिल्मों का लुत्फ़ उठा सकते हैं |
दार्शनिक स्थलों मे जैसे की मदुरै, रामेश्वरम, तिरुपति आदि पवित्र स्थल चेन्नई से कुछ ही दूरी पे हैं | चेन्नई का मरीना बीच या फिर महाबलीपुरम या पोंडिचेरी देश विदेश के पर्यटकों की राजधानी बना रहता है| जहाँ आप महाबलीपुरम मे पुराने राजाओं के निर्माण किये गए इमारतें देख सकते हो तो  पोंडिचेरी मे आप फ्रेंच रहन सहन का आनंद उठा सकते हैं  साथ ही  वहां देखने को काफी कुछ है जैसे और्बिन्दो आश्रम, औरोविला इत्यादी |
शहर मे अगर पठान पाठन की उत्तम व्यवस्था न हो तो फिर उस जगह का महत्व नहीं रहता | पर चेन्नई मे आपको नर्सरी से लेकर मास्टर्स की डिग्री तक के अच्छे कालेज मिल जायेंगे, जैसे की लोयोला कालेज, अन्ना उनीवेर्सिटी, आई आई टी मद्रास , और अनगिनत इंजीनियरिंग मेडिकल और ला कालेज मिलेंगे…
फिर शहर तेजी से अपने आप को विकसित कर रहा है चाहे वो रियल एस्टेट का बाज़ार 

aerial view of kathipada junction

हो या रिटेल सामानों का  या फिर बढती जनसँख्या के रहने की व्यवस्था की बात हो …

चेन्नई बदल रहा है …

Random Pictures

In Art, Life, Photography, Pictures, scribblings, Travel on December 12, 2010 at 8:21 pm

 

Twilight



Heavy Loading trip to pondicherry

@ Goa beach

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