Rajiv

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Chrysalis – The change you wish to see

In Art, Opinion, Pictures, quote, Writing on January 15, 2011 at 9:10 pm

 

 

Image Source: Libachrysalis.wordpress.com

 

Part 1

Chrysalis :The third of the four distinctive live stages of a butterfly. This is one of the most fascinating stages and one of the easiest to miss. This is the stage that turns the caterpillar into a butterfly

Nothing endures but change.
– Heraclitus

Why change ?

We feel so cozy in our comfort zone that rarely we wish to change. Think, what would have happened to us if our primitive fathers decided to stay as they were, living in stone cast houses, hunting, living like a nomad, no fire,no wheel  nothing. Life would have been so difficult. Since ages mankind has been making forays into new dimensions of life. We are constantly on a path, path to change, a path to find our destiny, a path to create happiness.

Where are we heading ?

Ask yourself a simple question Are we on the track? Where did we falter then? Shouldn’t the very basic premise of Change be checked, every time men were oblivious of the target?  Children follow the footsteps of their role model. What kind of role model are we creating?Parents, Educational Institutions  set the basic foundation of the Society. Every person must understand and constantly remind themselves of the their duty. Their responsibility is to sustain a better and happier future of  our themselves and the Gen-Next.

Role Models

Each individual has a mentor a role model to look up to. It need not be a person. It could be anything which inspires. Which ask you to see, think “what we are doing? Is it right to do? Who all will get benefited by this act?”

Most often Parents or a Teacher shall be ones role model.  One has to be a torch-bearer to thousands who look up to him.  Who is your role model? Are you creating a moral standard for your coming generation?

Changes come in small packages, accept it. – Anonymous

How do ‘You’ see the small changes in your life?

PS:  Part 2 COMING SOON. Stay Tuned !

Related Blog: http://libachrysalis.wordpress.com

My Journey through languages…

In Bihar, Chennai, kerala, Life, Places, quote, Travel, Writing on January 14, 2011 at 11:59 pm

Reference: The power of the world

This post is inspired by Charlie, my blog buddy. It’s been 3 days since we exchanged greetings, but seems we know each other since ages. I am not praising him all because he has dedicated an entire post to me. But the very idea of writing this post, came from him. His post “How I learned french German and Spanish?” covers his entire journey of life till date. So I dedicate this post to Charlie  🙂

Language of the world

Journey of thousand miles begins with a single step… Read the rest of this entry »

Get together

In BobLife, Chennai, Photography, Pictures, Video on December 29, 2010 at 11:35 pm

Peaceful warriors

Read Part 1: Chennai in November, Day 1 « Krazy Memoirs.

12 days of  rigorous training had filled our mind with nothing but jargons.These 12 days i felt like i am back to LIBA attending classes. And as usual, classes make me sleep ! baring a few where I manage to keep myself awake and occasionally make notes too. Every now and then you could see somebody talking about nostro-vostro, forex, KYC-AML, so on and so forth. We all badly needed a Break. And the moment came when it was decided conveyed to us that we would host a get-together where all who’s who of Our organization shall come.  every one got geared up to showcase their talent. Sujilesh & co. took the lead to arrange stuffs. Hotel was already booked and all instructions conveyed.

Hensein 2.0

It was 7 o’clock in the evening, when me and Vikash decided to go and check arrangements. By that time, Bhanumati madam was already pacing up & down. “Where are your colleagues? call them. madam will be coming soon“…Yes mam.

Meanwhile Guests from Zonal office started arriving. GM was accompanied by DGM, DRM and other dignitaries. The setup was formal and for once it looked like we are back to training centre. GM mam soon realised it “Make it informal, we are not here to take any class 🙂 “and soon chairs were rearranged. I volunteered to be the RJ of the day 😉  don’t be surprised. okie i didn’t play Bawra mann… 😛

Celebrations started with Pushpa mam giving welcome address. The evening started with guests trying to recall name of random people whoever stood. It was our time ! for 12 days continuously, we were introducing ourselves to them. It was their test… memory test. No surprises, they never failed it.

What followed was a stupendous show. Not only because I jumped into it 😛 on Ritus’s call but the participation was wonderful. The show started with K2H2 format dumb charades. it was more of showcase of talents. Dance performances of Pushpa madam and Shradhha and off course Prathish was awesome. Their pelvic thrust enthralled even the Oldies sitting amongst us. But the show stopper was the Song by none other than GM, DGM themselves and our faculty Mr Chnadra sekhar.  Watch it here.


चेन्नई बदल रहा है …

In Art, Chennai, Life, Photography, Pictures, Places, scribblings, Travel on December 14, 2010 at 2:42 am

आज ऑफिस से जल्दी लौट मै अकेले रूम मे लेटा हुआ था … “डिंग डोंग” तभी कमरे पे किसी ने दस्तक दी… चलो यार कहीं घूम के आते हैं कहाँ जाओगे  बैठो भी कुछ देर मे खाने ही चलेंगे |अरे वो तो चलेंगे… अभी तो चलो शाम की ठंडी हवा का मज़ा ले … मै मन मसोस कर चलने को तैयार हुआ…चेन्नई की शाम,  वैसे तो कोई ख़ास आकर्षण नहीं रहती है …और बाज़ार की भीड़ भाड़ मुझे रास भी नहीं आती… फिर भी,  दोस्त जिद्द कर रहा था तो चलना पड़ा…खैर हम होटल से निकले … वैसे भी आज करने को कुछ ख़ास था नहीं तो हमने सोचा की चलो जब निकले ही हैं तो बाज़ार हो आते हैं… होटल से कुछ ही दुरी पे पोंडी बाज़ार है… बाज़ार की भीड़ भाड़ देख मुझे २००५ की वो शाम याद आ गयी| उस शाम मे अपने इंजीनियरिंग के कुछ दोस्तों के साथ चेन्नई आया हुआ था … फिर जो हुआ उसके बाद मैंने कसम खायी थी की कुछ हो जाए मे चेन्नई वापस नहीं आ रहा… पर शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था | और मुझे किस्मत ने मास्टर्स की पढाई के लिए चेन्नई ला फेका… चेन्नई के इन दो सालों ने चेन्नई के प्रति मेरा नज़रिया काफी बदल दिया…यहाँ मैंने अपने जीवन के कुछ यादगार दो साल बिताये, कुछ दोस्त बने जिन्हें आप जीवन पर्यंत याद रखना चाहेंगे  और साथ ही चेन्नई का भोजन … मैंने काफी लुत्फ़ उठाया… अब आपकी बारी है

pondi bazar

पोंडी बाज़ार, टी नगर का जाना माना बाज़ार है | यहाँ आपको आपके उपयोग की सभी चीज़े मिल जायेंगी और ख़ास कर लड़कियों के लिए यहाँ की दुकाने काफी उपयुक्त हैं| चूड़ियों से लेकर स्टायलिश कंगन और झुमके और बिंदी से लेकर सैंडल तक, सभी चीजें मिलेंगी| पर आपको मोल भाव करना पड़ेगा और अगर गलती से भी आपने तमिल की जगह हिंदी की या अंग्रजी के दो शब्द बोल दिए तो फिर दुकानों मे सामानों  की कीमते दुगुनी हो जाती हैं | और फिर आप मोल भाव मे कितने अनुभवी हो उसकी परख होती है|     इसके अलावा और भी कई दुकाने मिलेंगी जैसे की घडी की Titan की शो रूम, फिर एक दो shopping mall हैं जहाँ की आप विविध तरह की खरीददारी कर सकते हैं..और फिर यदि आपको शाम बितानी हो तो  आप या तो सिटी सेंटर चले जाओ या फिर एक्सप्रेस अवेनुए चले जाओ … और फिर खाने के लिए पास मे ही शरवनाभवन हैं जहाँ की आप साउथ इंडियन भोजन का आनंद उठा सकते हैं..
.हालाकी अगर देखें तो आप आज के चेन्नई को पहले के चेन्नई से बिलकुल ही भिन्न पायेंगे , कम से कम भाषा के मामले मे| आज चेन्नई सही रूप से एक मेट्रो की तरह उभरा है जहाँ पे देश के कोने कोने से लोग पढाई करने या फिर अपनी जीवन यापन का जरिया ढूंढने आते हैं | चेन्नई को इंडिया का ऑटो हब या फिर इंडिया का Detrit भी कहा जाता है… यहाँ आपको विश्व की नामचीन ऑटो कम्पनियों की फैक्ट्रीया दिखाई देंगी | और फिर सॉफ्टवेर कम्पनियां के चेन्नई मे बढ़ावे से काफी हद तक यह संभव हो पाया है की आज नोर्थ इंडिया के लोग चेन्नई मे रहने मे संकोच नहीं करते हैं| और ख़ास बात ये भी है की चेन्नई के लोगों ने उन्हें अपनाया भी है | वरना यहाँ अगर आप दो या तीन दशक पहले आये होते  तो फिर आपको उस दौर से गुज़ारना पड़ता जब यहाँ हिंदी के नाम से लोगों मे चिद्द थी…पर नयी पीढ़ी ने बदलाव का रास्ता  अख्तियार किया है |  ये वही चेन्नई है जहां कुछ वर्षों पहले “मेक डोनाल्ड – फ़ूड जोइंट”  ने अपनी एक शाखा खोली थी पर  लोगो के प्रदर्शन की वजह से बंद करनी पड़ी… और आज का चेन्नई है जहाँ हरेक कोने मे कम से कम एक “मेक डी” जरूर मिलेगा | और हाँ उसी के आसपास आपको “के ऍफ़ सी” का भी जोइंट मिलेगा | मैंने अपने दो वर्षो मे अगर चेन्नई को देखा है तो वास्तव मे मेरा आश्चर्य होना लाजमी था… क्युकी मेरा देखने का नज़रिया काफी कुछ जगह की भोजन व्यवस्था पे निर्वर करता है | और आज आपको मै चेन्नई मे पंजाबी भोजन हो या राजस्थानी थाली या बंगाली माछेर झोल  हो या फिर गुजरती थाली या लिट्टी चोखा या फिर जैन भोजनालय या फिर मारवाड़ी भोजन  … क्या चीज़ कहाँ मिलती है वो मै बता सकता हूँ… इससे आप स्वतः अंदाजा लगा सकते हैं की जहाँ के खाने मे इतनी विवधता हो, वो जगह  नागवार तो कतई नही हो सकता है.| और अगर आप हिंदी फिल्मों के बिना नहीं जी सकते, तो ख़ास आपके लिए हैं सत्यम, इनोक्स, पीवीआर, अनु-एगा  और भी ढेर सारे चित्रपट जहाँ आप हिंदी फिल्मों का लुत्फ़ उठा सकते हैं |
दार्शनिक स्थलों मे जैसे की मदुरै, रामेश्वरम, तिरुपति आदि पवित्र स्थल चेन्नई से कुछ ही दूरी पे हैं | चेन्नई का मरीना बीच या फिर महाबलीपुरम या पोंडिचेरी देश विदेश के पर्यटकों की राजधानी बना रहता है| जहाँ आप महाबलीपुरम मे पुराने राजाओं के निर्माण किये गए इमारतें देख सकते हो तो  पोंडिचेरी मे आप फ्रेंच रहन सहन का आनंद उठा सकते हैं  साथ ही  वहां देखने को काफी कुछ है जैसे और्बिन्दो आश्रम, औरोविला इत्यादी |
शहर मे अगर पठान पाठन की उत्तम व्यवस्था न हो तो फिर उस जगह का महत्व नहीं रहता | पर चेन्नई मे आपको नर्सरी से लेकर मास्टर्स की डिग्री तक के अच्छे कालेज मिल जायेंगे, जैसे की लोयोला कालेज, अन्ना उनीवेर्सिटी, आई आई टी मद्रास , और अनगिनत इंजीनियरिंग मेडिकल और ला कालेज मिलेंगे…
फिर शहर तेजी से अपने आप को विकसित कर रहा है चाहे वो रियल एस्टेट का बाज़ार 

aerial view of kathipada junction

हो या रिटेल सामानों का  या फिर बढती जनसँख्या के रहने की व्यवस्था की बात हो …

चेन्नई बदल रहा है …

Chennai in November, Day 1

In BobLife, Chennai, kerala, Places, Travel on December 4, 2010 at 12:55 am

Sunday morning… Chennai never used to have such nice weather at least not when i was here for two years for my post-grad. This was absolutely fine Sunday morning… a cool breeze and sky was cast with cloud… i called for a taxi… get me to Hotel Benz Park…It’s in T Nagar,

India - Chennai - busy T. Nagar market 2

Image by mckaysavage via Flickr

anna u know na ! I sounded like i was lot familiar about Chennai… Though TNagar was next to my college at Nungambakkam but I never had the opportunity to stroll on these roads… I knew few places in Tnagar and very few roads through which i used to go to my friend’s place in Tambram.  By the time it started pouring. And you never know where in Chennai you get struck into traffic after rains.

It was nice (Okie, I did not expect to have our stay arrangements here). Room was double sharing and already somebody had checked in… I was the second guy and had few reservations about this first guy

hi myself Rajiv, from Kerala… Hello I am Vikas from Hyderabad..(after a long pause he asked)… are you a malayali ? No no, I am posted there… Thank god… maine socha kaun aayega room mae ( thank God, i was wondering who will come to my room ) …Vikas said with a broad grin on his face. And I settled in peacefully. We were wondering as to are we the only two people staying here or has some one come? We inquired at the reception… No sir, two more people have come… they are staying in room no 403…Ok.. Thanks!

Morning, we reached restaurant downstairs in time. I just went about picking idli, chutney and  Paneer paratha… kya yaar yahan bhi idli..Vikas lost his interest in breakfast …

Idli

Image via Wikipedia

At lounge we found,  Syamlal, Naveen, Saraswathy, Sharda, Saumya, Ashwin, Sujilesh and Preteesh waiting for the cab.

It took us about an hour to cut across Chennai Traffic to reach Training Center in Tenympet near SIET College.

It was unusual, seemed like  I was back in MBA classes, with a difference. Here at the RTC (Regional Training Center), the day started with a prayer (from an old Hindi movie “Ankush”-1986)

Itni shakti hame dena data…manka vishwas kamjor ho na… ham chale nek raste pe hamse… bhool kar bhi koi bhool ho naaa…” Check Out this  Video for the prayer…

 

To be Contd…

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